आप' पंजाब प्रधान व अमन अरोड़ा ने विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी सरपंचों, नंबरदारों और नगर पार्षदों (एमसी) की ऑनलाइन लॉगइन ID का काम अप्रैल 2025 के अंत तक मुकम्मल करने के लिए कहा, ताकि राज्य के नागरिकों को पारदर्शी तरीके से सेवाएं प्रदान करने की प्रक्रिया को और सुचारू बनाया जा सके।
पंजाब राज्य ई-गवर्नेंस सोसायटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करने के लिए कुल 43,321 सरपंचों, नंबरदारों और नगर पार्षदों की ऑनलाइन ID बनाई गई है ताकि वे आवेदनों और प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन सत्यापित कर सकें। इस व्यवस्था के लागू होने से लोगों को अपने काम के लिए बार-बार स्थानीय प्रतिनिधियों के पास जाने से छुटकारा मिलेगा।
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास प्रताप ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि सरपंचों, नंबरदारों और एमसी की 41,000 से अधिक ऑनलाइन Login ID पहले ही तैयार की जा चुकी हैं। इस माह के अंत तक राज्य के सभी स्थानीय प्रतिनिधियों की Login ID बना दी जाएगी। इसके बाद मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि नागरिक केंद्रित सेवाओं को सभी नागरिकों के लिए और अधिक सुलभ बनाने के लिए, राज्य सरकार ने डोरस्टेप डिलीवरी शुल्क को 120 रुपये से घटाकर 50 रुपये कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल के तहत राज्य निवासी हेल्पलाइन नंबर-1076 पर कॉल करके घर बैठे 406 सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। डिलीवरी शुल्क कम करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कमजोर वित्तीय स्थिति वाले नागरिक भी इन सेवाओं का लाभ उठा सकें।
पंजाब सरकार की अपने नागरिकों के जीवन को आसान बनाने और उन्हें निर्बाध सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब राज्य ई-गवर्नेंस सोसायटी कई पहलुओं पर सक्रिय रूप से काम कर रही है और नवीन आईटी और ई-गवर्नेंस समाधान प्रदान कर रही है। उल्लेखनीय है कि बोर्ड ने ई-सेवाएं, लोक शिकायत निवारण प्रणाली (पीजीआरएस), सूचना का अधिकार (आरटीआई) पोर्टल, एम-सेवाएं, राज्य प्रवेश पोर्टल, कनेक्ट पोर्टल और विजिटर पास प्रबंधन प्रणाली सहित कई प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। इस मीटिंग में विशेष सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण घनश्याम थोरी, डायरेक्टर सुशासन गिरीश दयालन, सीईओ पीएमआईडीसी दीप्ति उप्पल, राज्य परिवहन कमिश्नर जसप्रीत सिंह और विभाग के अन्य सीनियर अधिकारी भी उपस्थित थे।