पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने बजट पारित होने के कुछ ही दिनों के भीतर ‘बदलता पंजाब’ बजट में वर्णित रणनीतियों को तीव्र गति से लागू करना शुरू कर दिया है और ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 1000 किलोमीटर लंबी सड़कों को मजबूत करने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं।
वित्त मंत्री चीमा ने पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के पहले चरण में फरीदकोट, शहीद भगत सिंह नगर, पठानकोट और बरनाला जिलों की ग्रामीण सड़कों को चुना गया है। इन सड़कों को 10 मीटर चौड़ाई में तैयार किया जाएगा ताकि बेहतर संपर्क स्थापित करते हुए राज्य भर में आवागमन को सुधारा जा सके।
इस अवसर पर एक अहम बदलाव का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि CM Mann के नेतृत्व वाली सरकार ने ठेकेदारों की जवाबदेही भी बढ़ा दी है। ठेकेदार बनी सड़कों पर केवल एक वर्ष की वारंटी के लिए जिम्मेदार होते थे, लेकिन अब 5 वर्षों तक सड़कों के रख-रखाव और देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक तृतीय पक्ष द्वारा इन कार्यों का ऑडिट किया जाएगा और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में न केवल धन की रिकवरी की जाएगी, बल्कि उस ठेकेदार को काली सूची में भी डाला जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं की निगरानी करने वाले सरकारी अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की गई है।
सरकार के वादों को निभाने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए वित्त मंत्री चीमा ने जोर देकर कहा कि 27 मार्च को पारित हुए वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में राज्य की सभी जर्जर ग्रामीण लिंक सड़कों को दोबारा बनाने का वादा भी शामिल है। रिकॉर्ड 18,944 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण या अपग्रेड किया जाएगा, जो पंजाब के इतिहास में एक नया मील पत्थर साबित होगा। पिछली सरकारों पर कार्यकाल के अंतिम वर्षों में ही इस तरह की विकास परियोजनाएं शुरू करने का आरोप लगाते हुए वित्त मंत्री चीमा ने भरोसा दिलाया कि मौजूदा सरकार शीघ्र परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विपक्ष की शंकाओं का जवाब देते हुए कहा कि बजट स्वीकृति के बाद तेजी से टेंडर जारी करना 'आप' सरकार की केवल वादों की नहीं, बल्कि कार्रवाई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बेहतर ग्रामीण सड़कें न केवल आसान यात्रा सुनिश्चित करेंगी, बल्कि कृषि उपज के विपणन को तेज करेंगी और पंजाब की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरेंगी। यह उल्लेखनीय है कि ‘बदलता पंजाब’ बजट में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा ग्रामीण लिंक सड़कों के निर्माण और उन्नयन हेतु 2,873 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। यह महत्वपूर्ण निवेश राज्य के बुनियादी ढांचे को सुधारने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने हेतु सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।