चंडीगढ़: हरियाणा विधान सभा का सदन बुधवार को युवा ऊर्जा से लबरेज दिखाई दिया। विधायकों के अंदाज में युवा विद्यार्थी सवालों की बौछार करते रहे, तो सत्तापक्ष की सीटों पर बैठे विद्यार्थी मंत्रियों के अंदाज में उनके प्रश्नों का जवाब देते नजर आए। विधान सभा उपाध्यक्ष डॉ.कृष्ण मिड्ढा उनका उत्साहवर्धन करते हुए मार्गदर्शक की भूमिका में रहे। मौका था राजधानी युवा संसद की ओर से आयोजित हरियाणा युवा संवाद का। दो दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम की वीरवार को विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण अध्यक्षता करेंगे।
हरियाणा विधान सभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने ‘हरियाणा युवा संवाद’ को दूरदर्शी, विचारोत्तेजक और नवाचारी प्रयोग बताते हुए इसकी आयोजक संस्था राजधानी युवा संसद को बधाई दी। नवरात्रों के अवसर पर मां दुर्गा को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि विधान सभा का यह सदन कोई साधारण मंच नहीं है। यहां संविधान, संवाद और संवेदना का संगम होता है। यहां राज्य के भविष्य निर्माण का सपना बुना जाता है और उसे पूरा किया जाता है। यह विचार-विमर्श का स्थान होने के साथ-साथ भविष्य के लिए नीतियों की प्रयोगशाला है। अगर भविष्य को देखना है, तो युवाओं की आंखों में झांकिए। देश को बदलना है, तो युवाओं के दिल में झांककिए। उन्होंने डिजिटलाइजेशन का समर्थन करते हुए कहा कि की-बोर्ड में दुनिया बदलने की ताकत है।
डॉ. मिड्ढा ने कहा कि आज भारत की औसत उम्र 29 साल है। इसका मतलब है कि आज का भारत युवा है, जोश में है, और बहुत कुछ कर गुजरने को तैयार है। युवाओं को सिर्फ नौकरियों के पीछे भागने की बजाय रोजगार पैदा करने वाले बनना चाहिए। सोशल मीडिया पर शिकायत करने की बजाय समाज को बदलने के लिए आगे आएं।
कार्यक्रम को विधायक गीता भुक्कल ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजनीति सेवा का माध्यम है, लेकिन हमें अच्छा नेता बनने से पहले अच्छा इंसान बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छे युवाओं के राजनीति में आने से समाज में नेताओं के प्रति सोच में सकारात्मक बदलाव आएगा। बेटियों की उपलब्धियों को समाज का गौरव और मूल्य समझना होगा।
राजधानी युवा संसद के सह संस्थापक एडवोकेट जय सैनी और एडवोकेट ईशा कपूर ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए 60 प्रतिभागियों का चयन किया है। इन सभी युवा प्रतिभागियों ने हरियाणा के विकास पर रचनात्मक विचार प्रस्तुत किए। विधान सभा सदन में हो रही इस चर्चा के लिए 2 विषय रखे गए हैं। पहला, हरियाणा के विकास में डिजिटलाइजेशन की भूमिका इस पर चर्चा करते हुए युवाओं ने 21वीं सदी में ई-गवर्नेंस और ई-साक्षरता को बढ़ावा देने पर विचार रखे। हरियाणा में डिजिटल अवसंरचना के विकास और विस्तार की रणनीति, सरकारी सेवाओं के डिजिटलाइजेशन द्वारा प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए नवाचारी पहल, डिजिटल अंतर को कम करने और सूचना प्रौद्योगिकी तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के उपाय, स्मार्ट शहरों और डिजिटल गांवों की अवधारणा का क्रियान्वयन आदि विषयों पर चर्चा हुई।
दूसरा विषय, प्रगतिशील हरियाणा के लिए महिलाओं को अधिक सशक्त बनाने संबंधी रहा। इसके अंतर्गत विकास के स्तंभ के रूप में लैंगिक समानता पर चर्चा हुई। इस दौरान महिला सशक्तिकरण के लिए वर्तमान नीतियों का मूल्यांकन और सुधार हेतु सुझाव, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और रोजगार में लैंगिक असमानताओं को दूर करने के लिए कार्य योजना, आर्थिक सशक्तिकरण हेतु कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रम, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा और भेदभाव उन्मूलन पर भी युवाओं ने विचार रखे।