तेलंगाना के गाचीबोवली क्षेत्र में 400 एकड़ हरित भूमि पर निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दिल्ली में जगह-जगह होर्डिंग्स लगवाए हैं। इन होर्डिंग में लिखा गया है- “राहुल गांधी जी, कृपया तेलंगाना में हमारे जंगलों को काटना बंद करें।”
सुप्रीम कोर्ट का दखल
इस विवाद के बीच 3 अप्रैल 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने राज्य सरकार से तुरंत पेड़ों की कटाई रोकने को कहा। तेलंगाना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को मौके पर जाकर निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया।
छात्रों का विरोध और भूख हड़ताल
हैदराबाद विश्वविद्यालय (UoH) के छात्रों ने 1 अप्रैल से इस हरित क्षेत्र में निर्माण कार्य के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। लगभग 50 छात्रों ने भूख हड़ताल में भाग लिया और 200 से अधिक छात्रों ने समर्थन में प्रदर्शन किया। भूख हड़ताल को विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों का भी समर्थन मिला। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छात्रों ने इसे अपनी जीत बताते हुए विरोध समाप्त कर दिया।
विपक्ष ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
विपक्षी दलों ने कांग्रेस सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। आरोप है कि सरकार ने सैकड़ों बुलडोजर भेजकर पेड़ों और वन्यजीवों को हटाने की कोशिश की। बीआरएस नेता के.टी. रामा राव ने सवाल किया: “एक हरे-भरे क्षेत्र को 30,000 करोड़ के कंक्रीट के जंगल में बदलने की इतनी जल्दी क्यों?” उन्होंने यह भी कहा कि हैदराबाद की हरियाली पहले से ही तेजी से घट रही है।