नेपीदा; म्यांमार में आए भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या बढक़र 2,719 हो गई है। वहीं, घायलों की संख्या 4500 से ज्यादा हो गई है। 441 लोग अब भी लापता हैं। भूकंप के बाद सबसे पहले भारत ने ही मदद के हाथ आगे बढ़ाए थे। भारत ने मंगलवार को भी 442 टन राहत सामग्री एक युद्धपोत के जरिए म्यांमार भेजी है। इसके अलावा भारत ने राहत-बचाव और तलाशी अभियान के लिए टीम भी भेजी है। भारत सरकार ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के जरिए म्यांमार में भूकंप पीडि़तों की मदद कर रहा है। भारत मांडले एयरपोर्ट पर एक अस्पताल भी चला रहा है, जहां घायलों को लाकर इलाज किया जा रहा है। वहीं 80 सदस्यों वाली एनडीआरएफ की टीम गिरी हुई इमारतों के मलबे से लोगों को निकालने में जुटी है।
मंगलवार को विशाखापट्टनम पोर्ट से आईएनएस घडिय़ाल को 442 मीट्रिक टन राहत सामग्री के साथ रवाना किया गया है। वहीं एसी-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के जरिए भी 16 टन राहत सामग्री म्यांमार भेजी गई है। इसके अलावा 30 टन राहत सामग्री पहले ही म्यांमार पहुंचाई जा चुकी है। इसमें खाने का सामान, टेंट और दवाइयां थीं। आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री 50 टन सामग्री लेकर म्यांमार पहुंच चुका है।