पुणे। HMPV वायरस के बाद अब एक और नए वायरस ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र के पुणे में फैले गुइलेन बैरे सिंड्रोम (GBS) ने 100 से अधिक लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। इसमें से 16 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। वहीं, सोलापुर में इस सिंड्रोम के चलते एक मौत भी हो गई है। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति पुणे में संक्रमित हुआ था और बाद में उसने सोलापुर की यात्रा की थी। बता दें कि महाराष्ट्र में अब तक गुइलेन बैरे सिंड्रोम के 101 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 81 मरीज पुरणए से, 14 पिंपरी चिंचवाड़ एमसी से और 6 अन्य जिलों से हैं। इस वायरस का केंद्र पुणे है। संक्रमित लोगों में से 68 पुरुष और 33 महिलाएं शामिल हैं।
क्या है गुइलेन बैरे सिंड्रोम?
बता दें कि यह एक ऑटोइम्यून न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। इस बीमारी से हमारा इम्यून सिस्टम अपनी ही नर्व्स पर अटैक करता है। इसके कारण लोगों को उठने बैठने और चलने तक में समस्या होती है। यहां तक की लोगों का सांस लेने भी मुश्किल हो जाता है। लकवा की समस्या भी इस बीमारी का लक्षण है। इसमें शरीर के हिस्से अचानक से सुन्न पड़ जाते हैं और मांसपेशियों में कमजोरी हो जाती है।
GBS आमतौर पर एक बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण के बाद होता है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से तंत्रिका पर हमला कर देती है, जिससे कमजोरी, लकवा या कभी-कभी मौत भी हो सकती है। डाक्टरों के अनुसार जीबीएस अचानक शुरू होता है। ये अक्सर किसी संक्रमण के बाद होता है। यह बीमारी कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्व स्तर पर इसके प्रभावित लोगों में से करीब 7.5% लोगों की मौत हो जाती है। गुइलेन बैरे सिंड्रोम एक आम बीमारी है, क्योंकि हर साल लोगों में एक या दो लोगों में ये बीमारी देखने को मिलती है। इसी बीमारी के चलते अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डी रूजवेल्ट की भी मौत हुई थी। ये बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन आमतौर पर 30 से 50 वर्षी के बीच के लोगों को ये अधिक प्रभावित करती है।
क्या हैं इसके लक्षण?
गुइलेन बैरे सिंड्रोम की शुरुआत आमतौर पर हाथों और पैरों में झुनझुनी और कमजोरी से होती है। ये लक्षण तेजी से फैल सकते हैं और लकवे में बदल सकते हैं। इस बीमारी के शुरुआती लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं- हाथों-पैरों, टखनों या कलाई में झुनझुनी।
पैरों में कमजोरी।
चलने में कमजोरी, सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत। बोलने, चबाने या खाना निगलने में दिक्कत। आंखों की डबल विडन या आखों को हिलाने में दिक्कत। देज दर्ज, खासतौर पर मांसपेशियों में तेज दर्द। पेशाब और मल त्याग में समस्या। सांस लेने में कठिनाई। इसके अलावा दस्त, पेट दर्द, बुखार, मतली और उल्टी भी शामिल हैं।